जयपुर नगर निगम हैरिटेज के अधिशाषी अभियन्ता व ठेकेदार को 1 लाख रूपये रिश्वत लेते व देते किया गिरफ्तार

पत्रकार श्री जसवंत चौहान की रिपोर्ट
जयपुर
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) मुख्यालय के निर्देश पर भ्रष्ट अधिकारियों पर रखी जा रही सतत निगरानी में आज शुक्रवार को एसीबी की जयपुर ग्रामीण ईकाई द्वारा जयपुर नगर निगम हैरिटेज के अधिशाषी अभियन्ता शेर सिंह चोधरी को 1 लाख रूपये की रिश्वत लेते व रिश्वत देने वाले ठेकेदार गोविन्द अग्रवाल उर्फ गोपी ठेकेदार को गिरफ्तार किया गया है।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, महानिदेशक श्री भगवान लाल सोनी ने बताया कि एसीबी को नगर निगम में भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थी इसी क्रम में एक शिकायत पर कार्यवाही करते हुये अतिरिक्त महानिदेशक श्री दिनेश एम.एन. के निर्देशन में जयपुर ग्रामीण इकाई के पुलिस निरीक्षक श्री नीरज भारद्वाज व उनकी टीम द्वारा आज ट्रेप की कार्यवाही करते हुये शेर सिंह चैधरी अधिशाषी अभियन्ता जयपुर नगर निगम हैरिटेज व ठेकेदार गोविन्द अग्रवाल उर्फ गोपी ठेकेदार को गिरनार काॅलोनी, गांधीपथ वैशाली नगर जयपुर में गिरफ्तार किया है। यह राशि ठेकेदार द्वारा स्वंय के व अन्य ठेकेदारों के जयपुर नगर निगम हैरिटेज में कार्यों के बिल पास कराने की एवज में बतौर किश्त दी जा रही थी।

महानिदेशक श्री सोनी ने बताया कि आरोपीग के आवास एवं अन्य ठिकानों पर एसीबी टीमों द्वारा तलाशी जारी है व ठेकेदार के बुद्धसिंहपुरा स्थित निवास पर एसीबी उप अधीक्षक श्री सायर सिंह द्वारा तलाशी की कार्यवाही की जा रही है। एसीबी द्वारा उक्त प्रकरण को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जायेगा। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रिश्वत लेना व देना अपराध की श्रेणी में आता है। रिश्वत मांगने की शिकायत देने वाले की जानकारी गोपनीय रखी जाती है तथा कार्यवाही के पश्चात् उनके वैध कार्य में एसीबी द्वारा मदद भी राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप की जाती है।

एसीबी महानिदेशक, श्री भगवान लाल सोनी ने समस्त प्रदेशवासियों से अपील की है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टोल-फ्री हैल्पलाईन नं. 1064 एवं Whatsapp हैल्पलाईन नं. 94135-02834 पर 24×7 सम्पर्क कर भ्रष्टाचार के विरूद्ध अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान दें। विदित रहे कि एसीबी राजस्थान राज्य में राज्य कर्मियों के साथ-साथ केन्द्र सरकार के कार्मिकों के विरूद्ध भी कार्यवाही करने को अधिकृत है।

Don`t copy text!