डूंगला क्षेत्र में भजनों का रहता है विशेष महत्व, भक्तों का रहता है जमावड़ा।

पत्रकार श्री पवन अग्रवाल कि रिपोर्ट

डूंगला उपखंड क्षेत्र में नवरात्र को लेकर हर तरफ माता के जय जय कारे हो रहे हैं वही हवन शांति रामचरितमानस के पाठ अखंड दीप जोत जलाकर माता को खुश करने का प्रयास जारी है इसी के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भजन कीर्तन का विशेष महत्व रहता है डूंगला क्षेत्र में भजन कलाकारों का पूरा जमावड़ा रहता है जिससे भजन संध्या में चार चांद लग जाते हैं ग्रामीण रात रात भर कार्यक्रम को देखने के लिए मंत्रमुग्ध होकर बैठे रहते हैं क्षेत्र के प्रसिद्ध कलाकार नारायण लाल गाडरी के साथ अन्य कलाकार ढोलक पेटी होम हारमोनियम पर समय बांधने का उनका एक अलग ही अंदाज होता है जिसके चलते उनकी ख्याति दूर-दूर तक बनी हुई है उनके द्वारा भजनों गीतों के लिए कोई विशेष रूप से पैकेज बना हुआ नहीं है बस भगवान की आस्था करना ही उनका उद्देश रहता है जो भक्तगण दे उसका भला और जो न दे उसका भला इसी के तहत उनका जीवन चक्र चल रहा है

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