दूध की आड़ में मीठे जहर का हो रहा कारोबार, शहर की जनता परेशान, जिम्मेदार मोन

वीरधरा न्यूज़। चित्तौड़गढ़ @ श्री दुर्गेश लक्ष्यकार।
चित्तौड़गढ़ शहर में बस स्टैंड हो, पार्क हो, अस्पताल हो, शिक्षा के मंदिर स्कूल, कॉलेज हों या धार्मिक स्थल, जहां देखो वहां डेयरी बूथो पर दूध के साथ बीड़ी-सिगरेट, गुटखा-तंबाकू और ऐसे ही अन्य कई गैरकानूनी पदार्थ धड़ल्ले से बिक रहे हैं। ऐसे बूथ संचालकों के विरुद्ध आज तक कोई कार्रवाई नहीं होने से वे बेखौफ ‘धीमा जहर’ बेच रहे हैं। जबकि ऐसा करते पाए जाने पर उनका लाइसेंस रद्द करने तक का प्रावधान है। लेकिन जिम्मेदारान कोई संज्ञान नही लेते है और  कोई कार्यवाही ना कर हाथ पर हाथ धरे आराम फरमाते रहते है। सरस डेयरी प्रबंधन ने आज तक इन पर कोई कार्रवाई नहीं की है। अफसरों का कहना है कि उनके पास कोई शिकायत आएगी तो कार्रवाई करेंगे। हमारी टीम ने जब पड़ताल की तो शहर के हर क्षेत्र में अधिकतर डेयरी बूथो पर ऐसी सामग्रीया बिकती हुई नजर आई। देखने में आया कि शहर में गली-मोहल्लों तक में चलने वाले डेयरी बूथो पर अन्य डेयरी उत्पाद के अलावा गुटखा, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट जैसी धूम्रपान वाली वस्तुएं ज्यादा बेच रहे हैं। इन डेयरी बूथ पर बुजुर्ग, गृहिणियां, युवतियां व बच्चे भी रोजाना दूध खरीदने आते हैं। डेयरी पर गुटखा-तंबाकू व सिगरेट आदि बिकने के कारण युवकों की भीड़ लगी रहती है। ऐसे में खास तौर पर महिलाओं को खासी परेशानीया होती है। चित्तौड़गढ़ सरस डेयरी प्रबंधन ने दूध व अन्य डेयरी उत्पाद बेचने के लिए शहर में कई बूथ आवंटित कर रखे हैं। डेयरी अधिकारी खुद भी यह मानते हैं कि अधिकांश बूथ दूध कम और गुटखा-तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट व भांग गोली, शराब सहित नशे का सामान बेचते हैं।जबकि इनका नियम तो आवंटन निरस्त का है। बूथ आवंटित करने की पहली शर्त ही यह होती है कि आवंटी को सरस डेयरी के उत्पाद ही बेचने होंगे। बूथ पर अन्य किसी डेयरी के उत्पाद भी नहीं बेचे जा सकते। आवंटी खाद्य यदि गुटखा-तंबाकू व सिगरेट सहित किसी भी प्रकार के अन्य नशीले पदार्थ बेचते हुए पकड़ा गया और पुलिस, नगर परिषद सहित किसी भी सरकारी एजेंसी द्वारा कोई कार्रवाई की जाती है तो उसके लिए आवंटी स्वयं जिम्मेदार होगा। उसका आवंटन निरस्त किया जा सकता है।

बढ़ते अतिक्रमण पर ध्यान नही
शहर में सरस पार्लर डेयरी बूथ की आड़ में संचालक अतिक्रमण कर लेते हैं जहां उनको एक नियम आधारित जगह पर वहीं पर डेयरी बुथ लगाना होता है लेकिन वह अपनी सीमा क्षेत्र से बाहर निकल जाते हैं और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करने से भी नहीं चूकते हैं नियमों के विरुद्ध डेयरी बूथ संचालकों ने कहीं अस्पताल की दीवार तोड़कर तो कहीं अन्य व्यवसाय डेयरी के साथ अटैच कर अतिक्रमण कर रहे हैं,

यहाँ नजर क्यों नहीं पड़ती
डेयरी अधिकारियों की कलेक्ट्रेट सर्कल के पास पुराना अस्पताल बस स्टैंड, पंचायत समिति के पास, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर डेयरी बूथो पर गुटखे-तंबाकू व अन्य नशीले पदार्थ की बिक्री हो रही है।
डेयरी बूथ संचालकों को गुटखा-तंबाकू आदि बेचने से रोकने वाला कोई नहीं है।

बढ़ते अपराध एक चिंता
डेयरी बूथ पर गुटखा, तंबाकू, सिगरेट, खैनी जैसे पदार्थ बिकने से वहां युवाओं की भीड़ लगी रहती है। इससे दूध लेने जाने वाली महिलाओं एवं बच्चियों के साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाएं होने का खतरा रहता है।

चैन स्नेचिंग लूट जैसी घटनाओं का भय
‘डेयरी बूथ पर गुटखा-तंबाकू व सिगरेट के चक्कर में अक्सर असामाजिक तत्व खड़े रहते हैं। ये लोग महिलाओं पर नजर रखते हैं, इसके बाद उनके पर्स छीनने, चेन तोड़ने जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।

सरस डेयरी बच्चों पर दुष्परिणाम
डेयरी बूथ पर युवाओं को गुटखा-तंबाकू, सिगरेट आदि खरीदते देख शहर के गली- मोहल्लों में दूध खरीदने जाने वाले व स्कूली बच्चे भ्रमित होते हैं। धीरे-धीरे बच्चे भी यह सामग्री खरीदते हैं और फिर इनके आदी हो जाते हैं। डेयरी बूथ सबसे सामान्य व आसान पहुंच वाली जगह है। डेयरी प्रबंधन जहां मर्जी चाहे वहां बूथ आवंटित कर देता है। बूथ संचालक गुटखा-तंबाकू व सिगरेट आदि बेचते हैं और ये सामग्री युवाओं के लिए आसानी से उपलब्ध हो जाती है।