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आगामी दो माह तक चाइनीज़ मांजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध।

वीरधरा न्यूज़।चित्तौड़गढ़@ डेस्क।

चित्तौड़गढ़। लोक स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पशु पक्षियों की जान के खतरे तथा विद्युत प्रसारण को बाधा रहित बनाए रखने हेतु जिला मजिस्ट्रेट व जिला कलक्टर के.के. शर्मा ने निषेधात्मक आदेश जारी किए हैं।

जिला चित्तौड़गढ़ में मकर संक्रांति पर्व पर पतंगबाजी हेतु धातुओं के मिश्रण से निर्मित मांझा (सामान्य प्रचलित भाषा में चाईनीज मांझा) प्रयुक्त किया जाने लगा है। यह मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण के प्रयोग से तैयार किया जाता है, जो पतंग के पेंच लड़ाने में अधिक कारगर होता है। इस कारण से इसका प्रयोग अधिक किया जाने लगा है। उक्त मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से निर्मित होने से धारदार तथा विद्युत का सुचालक होता है, जिसके उपयोग के दौरान, दोपहिया वाहन चालकों तथा पक्षियों को अत्यधिक जान-माल का नुकसान होना संभाव्य है, साथ ही विद्युत सुचालक होने के कारण विद्युत तारों के सम्पर्क में आने पर विद्युत प्रवाह होने से पतंग उड़ाने वाले को भी नुकसान पहुंचना एवं विद्युत सप्लाई में बाधा उत्पन्न होना भी संभाव्य है। इस समस्या व खतरे के निवारण हेतु आवश्यक है कि ’’धातु निर्मित मांझा (पतंग उड़ाने के लिये पक्का धागा, नायलोन/प्लास्टिक मांझा, चाईनीज मांझा जो सिंथेटिक/टोक्सिक मेटेरियल यथा आयरन पाउडर, ग्लास पाउडर का बना हो)’ के उपयोग एवं विक्रय को निषेद्य किया जाना आवश्यक है।

राजस्थान उच्च न्यायालय द्वारा डी.बी. सिविल रिट पिटिशन महेश अग्रवाल बनाम राज्य एवं अन्य में जारी दिशा निर्देश 22.08.2012 एवं नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश  14.12.2016 में भी पतंग उड़ाने के लिए उपरोक्त हानिकारक सामग्री से बने धागे के उपयोग को निषेद्य किया गया है।

लोक स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं पशु पक्षियों की जान के खतरे तथा विद्युत प्रसारण को बाधा रहित बनाए रखने हेतु जिला मजिस्ट्रेट व जिला कलेक्टर के.के. शर्मा ने निषेधात्मक आदेश जारी किए हैं।

जिला मजिस्ट्रेट व जिला कलक्टर के. के. शर्मा ने चित्तौड़गढ़ दण्ड़ प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अन्तर्गत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए लोक स्वास्थ्य व विद्युत संचालन बनाए रखने एवं पक्षियों के लिए बड़े पैमाने पर खतरा बन चुके’ धातु निर्मित मांझा (पतंग उड़ाने के लिये पक्का धागा, नायलोन/प्लास्टिक मांझा, चाईनीज मांझा जो सिंथेटिक/टोक्सिक मेटेरियल यथा आयरन पाउडर, ग्लास पाउडर का बना हो)’ की थोक एवं खुदरा बिक्री तथा उपयोग चित्तौड़गढ़ जिले की राजस्व सीमा/क्षेत्राधिकारिता में निषेध/प्रतिबंधित करने का आदेश दिया है। साथ ही आमजन को यह भी निषेध किया जाता है कि पतंग उड़ाने के दौरान पक्षियों को पतंग/मांझा से होने वाले नुकसान से बचाने के लिये प्रातः 06.00 बजे से 08.00 बजे तक तथा सांय 05.00 बजे से 07.00 बजे तक की अवधि में पतंग उड़ाने पर पूर्णतः प्रतिबन्ध रहेगा।

यह आदेश 28 दिसम्बर  2020  से लागू होकर दो माह तक प्रभावी रहेगा। सभी नागरिकों को इस आदेश की पालना करने एवं अवहेलना नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं। उक्त निषेद्याज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन किए जाने पर यह भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दण्डनीय होगा।

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