राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में दिया तय की गई स्कूल फीस का ब्योरा, निजी स्कूलों की फीस वसूली मामले में सुनवाई आज

जयपुर
कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को स्कूल बुलाए जाने का फैसला लेते समय कोर्स में कटौती के आधार पर फीस तय की जाएगी
राज्य सरकार ने निजी स्कूलों की फीस वसूली मामले में सोमवार को हाईकोर्ट में शपथ पत्र दायर कर अदालती आदेश के पालन में शैक्षणिक सत्र 2020-21 की फीस का ब्यौरा पेश किया। इस मामले में हाईकोर्ट की खंडपीठ मंगलवार को सुनवाई करेगी। सरकार ने शपथ पत्र में कहा है कि शिक्षा विभाग ने 28 अक्टूबर को आदेश जारी कर स्कूलों की फीस तय कर दी थी। इसके अनुसार सीबीएसई की कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस सत्तर फीसदी वसूलना तय किया है, जबकि राजस्थान बोर्ड की इन कक्षाओं के विद्यार्थियों से ट्यूशन फीस में 40 फीसदी की कटौती की है।

वहीं कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को स्कूल बुलाए जाने का फैसला लेते समय कोर्स में कटौती के आधार पर फीस तय की जाएगी। साथ ही निजी स्कूलों को यूनिफार्म में बदलाव नहीं करने सहित अन्य निर्देश भी दिए गए हैं। दरअसल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पिछली सुनवाई पर राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह 28 अक्टूबर तक निजी स्कूलों द्वारा वसूली जाने वाली फीस तय कर मामले में 2 नवंबर तक इस संबंध में शपथ पत्र पेश करे।

इस मामले में हाईकोर्ट की एकलपीठ ने 7 सितंबर के आदेश से निजी स्कूलों को ट्यूशन फीस का सत्तर फीसदी वसूलने की छूट दी थी। एकलपीठ के इस आदेश को राज्य सरकार सहित अन्य ने खंडपीठ में चुनौती दी थी। जिस पर खंडपीठ ने एकलपीठ के आदेश पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को ही फीस तय करने के लिए कहा था।

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