वागन बांध से इस बार एक सिंचाई के लिए मिलेगा पानी, अधिकारियों व काश्तकारों की बैठक हुई।

पत्रकार श्री ऋषभ जैन की रिपोर्ट

डूंगलाउपखण्ड क्षेत्र के सबसे बड़े जल स्रोत वागन बांध से इस बार अल्प जल होने से सिर्फ एक बार रेलनी के लिए ही पानी उपलब्ध पाया गया है।
इस संबंध में अधिकारियों व काश्तकारों की एक बैठक मंगलवार को वागन बांधने वाली जगह पर हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित हुई। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष वागन बांध में वर्तमान में ढाई मीटर पानी ही भरा हुआ है जो कि 368 मिफ़टी है, इसमें से आधा मीटर सील लेवल से ऊपर पानी बड़ी सादड़ी में जलाशय के लिए रिजर्व रखने के बाद शेष पानी मेनी के छोड़ दें। दिया जाएगा। बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार उक्त रेलनी के लिए पानी वागन बांध की नहरों से 18 नवंबर से 8 दिसंबर तक छोड़ा जाएगा। इससे पूर्व सभी नहरों की सफाई विभाग द्वारा करवाई जाएगी वही काश्तकार अपने-अपने क्षेत्र में सफाई करेंगे।सफाई होने पर ही नहरों से पानी छोड़ा जाएगा। साथ ही सभी काश्तकारों से ओड़े लगाकर पानी नहीं रोकना, पानी पंप से पिलाई नहीं करना, पानी को व्यर्थ नहीं बहाने संबंधी अन्य आवश्यक निर्देश दिए गए।
बैठक की शीर्ष अतिरिक्त जिला कलेक्टर अंबा लाल मीणा ने की। बैठक में अधिशासी अभियंता तिलकराज छाबड़ा, उपखंड अधिकारी गोवर्धन लाल मीणा, तहसीलदार पन्ना लाल रेगर, नायब तहसीलदार मोहनलाल मेघवाल, सहायक अभियंता मानसिंह मीणा, जलदाय विभाग की वर्दी चंद मीणा, बड़ीसादड़ी के पुष्पेन्द्र सैनी, विकास अधिकारी मीरा लाल मीणा , बहादुर सिंह और अन्य अधिकारी सहित क्षेत्र के काश्तकार मौजूद थे।