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चित्तौड़गढ़ मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण ने अपने महत्वपूर्ण आदेश मे मृतक के परिवार को 32 लाख से अधिक राशि दिलाने का आदेश पारित किया।

 

वीरधरा न्यूज़।चित्तौडग़ढ़@डेस्क।

चित्तौड़गढ़।मोटरयान दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश अरुण जैन ने अपने एक महत्वपूर्ण आदेश में दुर्घटना में मृत्यु होने पर 32 लाख 60 हजार 432 रुपया मृतक के परिवार को बतौर क्षतिपूर्ति राशि दिलाई जाने का आदेश पारित किया।
मामले के अनुसार सुदरी निवासी रामकन्या जाट ने अपने नाबालिग पुत्रों के साथ एक क्लेम प्रार्थना पत्र अधिवक्ता योगेश व्यास के जरिए अधिकरण में प्रस्तुत कर बताया कि दिनांक 7 फरवरी 2018 को रात्रि 8:00 बजे के लगभग उसका पति कैलाश जाट हिंदुस्तान जिंक से ड्यूटी कर अपने गांव आ रहा था कि डेट के यहां पीछे से आते हुए डंपर ने तेज गति व लापरवाही से चलाकर मृतक की स्कूटी के टक्कर मार दी जिससे इस गंभीर दुर्घटना में मृतक को चोटे आई जिसके परिणाम स्वरूप मृतक की मृत्यु कारीत हो गई और वक्त दुर्घटना मृतक हिंदुस्तान जिंक में ठेकेदार के नियोजन में कार्यरत था जिससे मृतक के परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है इस कारण क्षतिपूर्ति राशि बीमा कंपनी से व डंपर के मलिक व चालक से दिलाई जावे।
अधिकरण के समक्ष विपक्षी बीमा कंपनी द्वारा जवाब प्रस्तुत कर यह बताया गया कि उक्त दुर्घटना स्वयं मृतक की लापरवाही से स्कूटी चलाने के कारण घटित हुई है एवं इस दुर्घटना के कारीत होने में डंपर का कोई योगदान नहीं रहा है तथा मृतक के वारीसान द्वारा जो वेतन प्रमाण पत्र अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत किया है वह भी विश्वसनीय नहीं है लिहाजा क्लेम प्रार्थना पत्र खारिज फरमाया जावे।
अधिकरण के समक्ष दौराने बहस अधिवक्ता योगेश व्यास ने यह बताया कि मृतक हिंदुस्तान जिंक में ठेकेदार के नियोजन में कार्यरत था जिसका वेतन उसके बचत खाते में जमा किया जाता था और उक्त खाते में उसके वेतन का इंद्राज समय-समय पर किया जा रहा है और वक्त दुर्घटना मृतक हिंदुस्तान जिंक से ही अपने घर पर आ रहा था जिससे समस्त दस्तावेज साक्ष्य से यह स्पष्ट रूप से प्रमाणित है कि उक्त दुर्घटना डंपर की गलती से कारीत हुई है और इस दुर्घटना में मृतक को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है।
अधिकरण के न्यायाधीश अरुण जैन ने अपने निर्णय में यह माना की वक्त दुर्घटना प्रार्थीगणों की ओर से जो दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत की गई है उससे यह स्पष्ट प्रमाणित है कि मृतक एसएस कंपनी के नियोजन में था और उसकी वेतन स्लिप भी अधिकरण के समक्ष प्रस्तुत की गई है और भविष्य में भी उसके वेतन में बढ़ोतरी होती जिससे भविष्य में होने वाली आय की वृद्धि पेटे भी 40% की भावी वृद्धि किया जाना न्यायोचित है इस प्रकार प्रार्थीगण विपक्षी बीमा कंपनी से 24 लाख 60 हजार 704 रूपये तथा इस राशि पर दिनांक 23 मार्च 2018 से लेकर ताअदायगी तक 6% वार्षिक ब्याज भी प्रार्थीगण विपक्षी से पाने के अधिकारी हैं इस प्रकार कुलिया क्षतिपूर्ति राशि मय ब्याज के लगभग 32 लाख 60 हजार432 रुपया बनती है जो क्षतिपूर्ति राशि प्रार्थीगण विपक्षीगणो से पाने के अधिकारी हैं।

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