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बालोतरा-जसोल मां के चरणों में मूक बधिर बच्चों ने किया भावों के पुष्प अर्पित।

वीरधरा न्यूज़।बालोतरा@श्री अशरफ मारोठी।


बालोतरा/जसोल।भावों के पुष्प माँ के चरणों मे अर्पित कर जसोलधाम पहुंचे मूक बधिर बच्चों का श्री राणी भटियाणी मन्दिर संस्थान की और से किया भव्य स्वागत, श्री सत्य साईं अंध एवं मूक बधिर विद्यालय सोमाणियों की ढाणी (बाड़मेर) के बच्चों ने श्री राणीसा भटियाणीसा मन्दिर (जसोल), श्री राणी रूपादे जी मंदिर (पालिया), श्री रावल मल्लीनाथ जी मंदिर (मालाजाल) में दर्शन कर जीवन मे सफलता हासिल कर खुशहाली पाने की माजीसा से की मंगल कामना ।

अंधता, मूक बधिर व मानसिक विमंदित 40 विद्यार्थियों ने यहां अपने एक दिवसीय भ्रमण के दौरान मालाजाल स्थित रूपसरोवर तालाब पर हजारों कुरजों के कलरव को देखने के पश्चात गौशाला में मौजूद गौ माताओं को हरा चारा व गुड़ खिलाकर किया सेवा कार्य, मूक बधिरों ने जसोलधाम में माजीसा मंदिर में दर्शन कर मां को अपने संगीत के भावों के पुष्प अर्पित कर सभी उपस्थित जनसमूह का मन को मोह लिया। संस्थान सदस्य कुं. हरिश्चंद्रसिंह जसोल ने कहा कि सत्य साईं अंध एवं मूक बधिर विद्यालय के दिव्यांग बच्चों ने अपनी कला से मंदिर संस्थान सहित सभी दर्शनार्थियों का भी मन मोह लिया कुंवर हरीशचंद्र सिंह ने बताया कि वैसे तो इस स्कूल के बच्चे कहने को तो दिव्यांग जरुर हैं लेकिन इनसे जो भी पहली बार रुबरू होता है वह इनका कायल हो जाता है।इन मूक बधिर बच्चों ने आज जो प्रस्तुति जसोल माँ के चरणों मे प्रस्तुत की है तो यह भी निश्चित ही है कि माँ इनके जीवन को संवारने के साथ आगे बढ़ने की भी शक्ति प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि यह स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे जन्म से दिव्यांग हैं। कोई सुन नहीं सकता तो कोई देख नहीं सकता। यहां तक कि इन बच्चों से इनके घर वालों ने भी आस छोड़ रखी थी, लेकिन अब यही बच्चे लोगों की आंखों का तारा बन गए हैं। कुंवर हरीशचंद्र सिंह ने बताया कि श्री राणीसा भटियाणीसा के जन्मोत्सव के उपलक्ष में एक पखवाड़ा पूर्व माजीसा भक्त मंडल (बाड़मेर) ने श्री सत्य साईं अंध एवं मूक बधिर विद्यालय में ऐनी डिवाइस थिंकर बेल लेब्स मशीन की भेंट जिसके तहत बालकों को सीखने, पढ़ने, समझने के साथ स्किल डेवलपमेंट में यह मशीन मददगार साबित होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिले के विभिन्न क्षेत्रों के कुल 106 विद्यार्थी अध्यनरत हैं। यहां से पढ़कर निकलने वाले विधार्थी अध्यापक, रेल्वे इत्यादि में सरकारी सेवा दे रहे हैं। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित जिले का यह एकमात्र विशेष विद्यालय है, जो 2005 से सभी दिव्यांग बच्चों को ब्रेल लिपि और साइन में पढ़ाने कार्य कर रहा है। इस विद्यालय का प्रमुख लक्ष्य दिव्यांग बच्चों को शिक्षा से जोड़ कर समाज की मुख्य धारा में लाना है। श्री राणी भटियाणी मन्दिर संस्थान (जसोलधाम) अध्यक्ष रावल किशनसिंह जसोल व सदस्य रावत त्रिभुवनसिंह बाड़मेर के मार्गदर्शन में मूकबधिर बच्चों को हुनरमंद बनाकर अपने पैरों पर खड़ा करने का उद्देश्य है। साथ ही मन्दिर संस्थान आह्वान करता है कि जिले के विकास को आने वाले सीएसआर फंड से तथा जिले के भामाशाह सहयोग करें तो इन बालकों के भविष्य को और उत्साह के साथ सँवार सकते है। दर्शन उपरांत संस्थान द्वारा विद्यार्थियों को फल वितरण व भोजन प्रसाद करवाने का लाभ लिया गया।

इस दौरान जोगसिंह असाडा, जितेंद्रसिंह, जगदीश सिंह डंडाली, प्रकाशसिंह रामदेरिया, राजाराम, धर्मपाल, राजेश कुमार, मोहब्बत सिंह, स्वरूपसिंह, संस्थान प्रबंधक जेठूसिंह, पर्यवेक्षक भोपालसिंह मौजूद रहे।

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