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भूपालसागर में गबन के आरोप से परेशान पति कि मोत का मामला। पत्नी बोली मैरे पति को न्याय नहीं मिला तो दोनो बच्चो सहित करूंगी आत्महत्या।

 

वीरधरा न्यूज़। भूपालसागर@ श्री अशोक शर्मा।

भूपालसागर। भूमि विकास बैंक द्वारा गबन के आरोप से परेशान युवक कि हुई मौत के बाद से उसके बच्चो सहित पत्नि का रो रो कर बुरा हाल है। पत्नि ने बताया दलालों ने मिलकर झुठा अरोप लगाया। संवीदा कर्मियों सहित 27 लोगों एवं दलालों पर उसके पति को झुठे गबन के आरोप में फसाने कि बात कही।

जिला कलेक्टर से लेकर बैंक के जांच अधिकारीयों एवं जनप्रतिनिधीयों को लगा चुके थे गुहार। यहां तक कि विधानसभाध्यक्ष एवं तत्कालीन विधायक स्वर्गीय किरण माहेश्वरी को भी लगा चुके थे गुहार। एक बार माहेश्वरी ने विधानसभा में उठाया था मुद्दा लेकिन उनके स्वर्गवास के पश्चात फिर किसी ने ध्यान नहीं दिया। पीडीता बोली परेशान पति कि मोत के बाद पुलिस थाना भूपालसागर ने मेरी रिर्पोट लेने से मना किया है। ईधर थानाधिकारी बोले मृतक के ससुर ने दी थी रिर्पोट जिस पर पोस्टमार्टम करवा दिया तथा मृग दर्ज कर लिया है। पत्नि ने भी एलान कर दिया कि अगर उसके पति को न्याय नहीं मिला तो दोनो बच्चो सहित कर लेगी आत्महत्या।
ईधर राकेश वैष्णव का भी मरने से पहले फेसबुक पर दलालों एवं गबन करने में लिप्त 27 लोगों के नाम गिनाकर सुसाईट का विडीयों किया था अपलोड वह विडीयो वायरल हो रहा है।

मृतक कि पत्नि रोते रोते सुनाई दास्तान

मृतक वैष्णव कि पत्नी बोली भूमि विकास बैंक में उसके पति को उसके ससुर कि जगह पर अनुकम्पवा पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में 2012 में नौकरी लगे थे। बैंक के भ्रष्टाचारीयों ने 2016 के पुराने गबन का आरोप मैरे पति पर 2020 में लगाया था। मैर पति चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे बैंक में उनका काम झाडु पौछा लगाना था मगर जबरदस्ती इनसे केशियर का काम करवाया गया। मैरे पति के मना करने के बावजुद भी इनसे काम करवाया गया। फरवरी माह में मैरे पति ने बैंक के सचीव को एक प्रार्थना पत्र दिया था जिसमें उन्होने बताया कि मै केशियर का काम नहीं जानता हुं मगर फिर भी जबरदस्ती से इनसे केश बुक लिखवाई गई। और मैरे पति को पुराने घोटाले को एडजस्ट करने के लिए कहा इस पर मैरे पति ने साफ मना कर दिया कि मैं एसा काम नहीं करूगा तो सभी ने मिलकर मैरे पति को घेर लिया तथा प्रताडित किया जिस पर मैरे पति काफी परेसान हो गये तथा वो बैहोश हो गये। इसके बाद उनको कुछ पता नहीं था। बैंक वाले मैरे पति को चिकित्सालय में भर्ति करवाकर चले गये जिसकी सुचना मैरे को चिकित्सालय से सांय को मिली मैने जाकर देखा तो मैरे पति बैहोश पड़े थे। जब मैरे पति बैहोश हो गये थे तो केश एवं दराजों कि चाबियां बैंक में ही थी जो कि मैरे पति के ठीक होने तक उनके पास ही रही। साथ ही उन्होने बिना किसी हमारी रजामन्दी के केश बुक एवं कागजों में हैरा फेरी कि उसका विडीयों मैरे पास है। दुसरे दिन बैंकवाले मैरे पति को बैंक में लेकर गये जहां से उन्होने केश बुके, रसीद बुकें, फाईले, चैक बुके यहां कि इनके उपर लगे गबन के 99500 रू सभी केश शाखा से ही मिले और ये सभी लेकर हमारे से हस्ताक्षर करवाये गये। उसके बाद में मैरे पति पर फरार होने का इल्जाम लगाया। हर जगह प्रयास विफल होने के बाद हम भूपालसागर आ गये। हमने मजदुरी एवं सिजारे पर लेकर खेती कि जिससे कि हमारे परिवार का गुजारा चल सके। यहां आने के बाद भी बैंक के कर्मचारीयों एवं संवीदाकर्मीयों ने यहां आकर मैरे पति को बहुत धमकियां दी। जब अब हमारी मदद के लिए कोई तैयार नहीं हुआ तो मैरे पति ने मरने से तीन घण्टे पहले विडीयो बनाया कि अब हम सभी मिलकर आत्महत्या करेगें। मृतक ने एक दोस्त का नाम भी लिया जिसका अहसान मानते हुए कहा कि भरत पालीवाल वास्तव मै एक सच्चा दोस्त है उसने मुझे तीन साल पहले 10000 रूपये दिये वो मै अभी तक नहीं चुका पाया उस मित्र को मृतक ने महादेव कि उपाधि से नवाजते हुए कहा कि तैरे को मै नहीं भूलुंगा महादेव। मिडीया को अपना दुखड़ा सुनाते सुनाते फफक फफक कर रो पड़ी पत्नि उसको देख बेटी भी फुट फुट कर रो पड़ी और पापा पापा कहकर रोने लगी। उस समय माझरा एसा लगा कि पति और पापा के शोक में क्या इस परिवार को कोई सहारा देगा। क्या सरकार तक यह आवाज पहुंच पायेगी, क्या इसके पति स्वर्गीय राकेश वैष्णव को गबन के आरोप से न्याय मिल पायेगा।

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