अशोक गहलोत ने अल्पमत को बहुमत में बदलने के लिये ओछे राजनीतिक हथकंडों का इस्तेमाल किया: डाॅ. सतीश पूनियां

वीरधरा न्यूज़। जयपुर @ श्री राहुल भारद्वाज

कांग्रेस विधायक एवं आदिवासी नेता के वीडियो ने पुष्टि कर दी कि किस तरह से दूसरे दलों के विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश हुई: डाॅ. पूनियां

जयपुर । भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डाॅ. सतीश पूनियां ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा भाजपा पर लगाये गये आरोपों पर पटलवार करते हुए कहा कि अशोक गहलोत की सरकार जब बनी थी तो वो बहुमत में नहीं थी, उन्होंने अल्पमत को बहुमत में बदलने के लिये ओछे राजनीतिक हथकंडों का इस्तेमाल किया, जिसमें बीएसपी जैसी पूरी पार्टी को मर्ज करना, निर्दलीय विधायकों को प्रभावित करना, उसमें शामिल था।
डाॅ. पूनियां ने कहा कि, विधायकों की बाडेबंदी के दौरान जिस तरह का दृश्य हुआ, उसकी पुष्टि कांग्रेस विधायक एवं आदिवासी नेता महेन्द्रजीत सिंह मालवीया के वीडियो ने कर दी है कि किस तरह से दूसरे दलों के विधायकों को प्रभावित करने की कोशिश हुई।
उन्होंने कहा कि, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जिस तरह के आरोप लगा रहे हैं, इस बात पर मुख्यमंत्री गहलोत एवं सीएमओ मौन क्यों है, सीएमओ हर बात पर सक्रिय होता है, लेकिन अब क्यों कोई बयान नहीं आ रहा है। मुख्यमंत्री हर मुद्दे पर स्वयं भी बयान देते हैं, लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री ने अपनी पार्टी के विधायक की इस बात का खण्डन क्यों नहीं किया?
डाॅ. पूनियां ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश को नहीं संभाल पाने की हताशा साफ दिखती है। भाजपा ने कोरोना के पूरे कालखण्ड में सेवा के संकल्प के साथ राज्य सरकार के साथ मिलकर कार्य किया। कोरोना कालखण्ड के दौरान गहलोत सरकार ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रत्येक जरूरतमंद को दिये जा रहे राशन और चिकित्सा सुविधाओं को जनता तक पहुंचाने में भी राजनीति की। मुख्यमंत्री अपनी कमजोरियां छुपाने के लिए इस तरीके की बयानबाजी कर रहे हैं।
डाॅ. पूनियां ने कहा कि धनबल और बाहुबल से सत्ता बचाने की कांग्रेस की संस्कृति है, जो कि हाल ही में राजस्थान की जनता ने देखा। यह कांग्रेस के घर का झगड़ा था, उनकी पार्टी का विग्रह था, जिसको कांग्रेस नेतृत्व और मुख्यमंत्री गहलोत संभाल नहीं पाये। हर मोर्चे पर विफल साबित हुई, भ्रष्टाचार एवं अराजकता गहलोत सरकार के पर्याय बन गये हैं, यह सरकार अपने कर्मों से ही गिरेगी।

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