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हाथ पकड़कर बच्चों को मंदिर ले जावे तभी बच्चें संस्कारित होकर आपको बुढ़ापे में हाथ पकड़ कर मंदिर ले जायेंगे:कथाव्यास पं. आशीष चाष्ठा।

 

वीरधरा न्यूज़।चित्तौडग़ढ़@डेस्क।

चित्तौडग़ढ़।सद्ग्रहस्थ वहीं हैं जो जीवन की उलजनों के बीच ईश्वर के लिए समय निकाल कर हरि स्मरण करे व कथा भागवत आदि में भाग लेकर अपने जीवन को धन्य बनावे, हाथ पकड़कर बच्चों को मंदिर ले जावे तभी बच्चें संस्कारित होकर आपको बुढ़ापे में हाथ पकड़ कर मंदिर ले जायेंगे, ये विचार कथाव्यास पं.आशीष चाष्ठा ने सर्वेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित रामकथा के दूसरे दिन प्रकट किये। उन्होंने श्री रामचन्द्र कृपालु भज मन, कलयुग केवल नाम अधारा, सीय राममय सब जग जानी आदि चौपाईयों से मंगलाचरण किया।
अतिथि अर्जुन सिंह शेखावत अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक व मंदिर समिति के अध्यक्ष विनोद लढ़ा सहित कथा संयोजक श्यामसुंदर कैलाशचन्द्र शर्मा परिवार व जगदीश चाष्ठा ने रामायण व व्यासपीठ का पूजन किया। संगीतमय रामकथा में सति मोह व शिव पार्वती विवाह में भूतो की बारात के प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया गया। भजनों पर महिलाएं भाव विभोर होकर नाचने लगी। कथासंयोजक कैलाशचन्द्र शर्मा ने अतिथियों का अभिनंदन किया।
सरंक्षक लक्ष्मीनारायण डाड ने बताया कि नवरात्रि में प्रतिदिन 12.15 बजे से 4 बजे तक रामचरितमानस की कथा होगी।पांडाल को जगदम्बा के 51 शक्तिपीठों के चित्रों से सजाया गया। तरुण शर्मा ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेने का आवाह्न किया।
सुरेशचन्द्र काबरा नारायणलाल शर्मा प्रदीप शर्मा कमल बिलोची शिवशंकर व्यास कमलाशंकर मोड़ महेश एणियां घनश्याम गंधर्व दीपक शर्मा अनिल व्यास आदि ने आरती में भाग लिया।
गुजरगौड़ ब्राह्मण समाज के प्रतिनिधि कृष्णचन्द्र शर्मा भरत चाष्ठा नंदकिशोर जोशी विनायक द्विवेदी संजय पारीक नंदकिशोर शर्मा सुरेश दाधीच संदीप उपाध्यक्ष आदि ने कथाव्यास व संयोजक का अभिनंदन किया।

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