कांग्रेस ने विधानसभा में पेश किया विश्वास मत प्रस्ताव, बहस जारी

जयपुर। राजस्थान में महीनों से जारी खींचतान के बाद आज से विधानसभा के सत्र की शुरुआत हो गई है। इस बीच कांग्रेस ने विधानसभा में आज विश्वास मत प्रस्ताव पेश कर दिया है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर सदन में बहस चल रही है। आज विधानसभा सत्र के काफी हंगामेदार होने के आसार हैं। बता दें कि इससे पहले आज सत्र की शुरुआत के बाद कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी को विश्वास मत के लिए नोटिस सौंपा था।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सरकारी आवास पर गुरुवार शाम को हुई विधायक दल की बैठक में विश्वास मत पर फैसला लिया था।बता दें, आज सदन में भाजपा भी गहलोत सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने जा वाली है। वहीं, बसपा ने राजस्थान में अपने विधायकों से विश्वास मत कराए जाने की स्थिति में कांग्रेस के खिलाफ वोट करने के निर्देश दिए हैं।

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सदन में विश्वास मत प्रस्ताव पेश

कांग्रेस ने विधानसभा में आज विश्वास मत प्रस्ताव पेश कर दिया है। कांग्रेस पार्टी की ओर से कानून और संसदीय कार्यमंत्री शांति कुमार धारीवाल(Shanti Kumar Dhariwal) ने विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव पेश किया है। फिलहाल इस प्रस्ताव पर सदन में बहस चल रही है।

कांग्रेस ने विश्वास मत के लिए सौंपा था नोटिस

कांग्रेस ने सदन में विश्वास मत के लिए विधानसभा स्पीकर सीपी जोशी को नोटिस सौंपा था। राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने विश्वास मत के लिए स्पीकर सीपी जोशी को नोटिस सौंपा। स्पीकर को दोपहर एक बजे इस नोटिस पर फैसला लेना था।

 

सदन की कार्रवाई एक बजे तक हुई स्थगित

राजस्थान में विधानसभा सत्र की शुरुआत होने के बाद सदन की कार्यवाही को दोपहर एक बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राजस्थान में सदन की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई। इसके बाद पूर्व सांसद राज्यपाल लालजी टंडन और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी और अन्य नेताओं को सदन में श्रद्धांजलि दी, जिनका हाल ही में निधन हो गया था।इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने सदन को दोपहर 1 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।

गहलोत के बगल में नहीं पीछे बैठे पायलट

राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को सचिन पायलट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बगल वाली सीट पर नहीं बैठे। कांग्रेस के सियासी संग्राम के दौरान उप मुख्यमंत्री पद से बर्खास्त किए गए पायलट निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा के पास वाली सीट पर बैठे। उन्हे सीट नंबर 127 आवंटित की गई है जो चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा व परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास के पीछे हैं।

बारिश और ट्रैफिक में फंसे विधायक

कांग्रेस के कुछ विधायक यहां एक होटल में ठहरे हुए थे, जो भारी बारिश और यातायात की भीड़ के कारण समय पर विधानसभा नहीं पहुंच सके। लगातार बारिश के कारण शहर की सड़कें भर गई हैं। इस बीच राजस्थान में आज कांग्रेस विश्वास मत प्रस्ताव पेश करने वाली है। इसको लेकर राजस्थान के मंत्री शांति धारीवाल ने कहा है कि हम विश्वास मत ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास बड़ा बहुमत है।

 

इससे पहले राजस्थान की पूर्व सीएम और भाजपा नेता वसुंधरा राजे और कांग्रेस नेता सचिन पायलट राजस्थान विधानसभा पहुंचे। विधानसभा सत्र के हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं।

विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव लाएगी भाजपा

राजस्थान में आज विधानसभा सत्र के पहले दिन भाजपा, गहलोत सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। गहलोत सरकार का यह पहला अविश्वास प्रस्ताव होगा। गुरुवार को भाजपा विधायक दल की बैठक में गहलोत सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने पर फैसला किया गया। भाजपा विधायक दल की बैठक में विधानसभा सत्र के दौरान पार्टी की रणनीति पर चर्चा हुई और यह तय किया गया कि भाजपा, गहलोत सरकार के खिलाफ आज से शुरू हो रहे सत्र के पहले दिन अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। जानकारी के मुताबिक, अविश्वास प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और इसके लिए जरूरी 40 विधायकों के हस्ताक्षर भी करवा लिए गए हैं।

बगावत के बाद जयपुर लौटे सचिन पायलट

सचिन पायलट करीब एक महीने की बगावत के बाद गुरुवार शाम को वापस जयपुर लौटे। शाम को सचिन पायलट और सीएम अशोक गहलोत की मुलाकात की। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया, साथ में फोटो भी खिंचवाई। कांग्रेस ने इस बैठक में भाजपा को हराने का संदेश दिया और भाजपा पर सरकार गिराने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के सरकारी आवास पर गुरुवार शाम को हुई विधायक दल की बैठक में उन्होंने कहा कि जो अब तक हुआ, उसे भुला दीजिए। हम 19 विधायकों के बिना भी बहुमत साबित कर देते, मगर इसमें खुशी नहीं मिलती, क्योंकि अपने तो अपने होते हैं।बैठक में सचिन पायलट ने विधायकों व पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी का आभार जताया। उन्होंने गहलोत को भी धन्यवाद दिया।

बसपा ने दिए कांग्रेस के खिलाफ वोट करने के निर्देश

बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) ने राजस्थान में अपने विधायकों को विश्वास मत होने की स्थिति में कांग्रेस के खिलाफ वोट करने के निर्देश दिए हैं। बसपा ने अपने विधायकों को व्हिप जारी किया है, जिसमें उन्हें विश्वास मत की स्थिति में कांग्रेस के खिलाफ वोट करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पार्टी ने विधायकों को चेतावनी भी दी है। पार्टी का कहना है कि व्हिप का उल्लंघन करने पर दल-बदल कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।

क्या है विधानसभा की दलीय स्थिति?

राजस्थान विधानसभा में कुल 200 सीटें हैं, जिनमें कांग्रेस के 106 विधायक(विधानसभा अध्यक्ष को नहीं जोड़ा गया है) हैं। इसके अलावा कांग्रेस को 13 निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन प्राप्त है। भारतीय ट्राइबल पार्टी के दो और आरएलडी के एक विधायक ने भी सरकार को समर्थन दिया है। माकपा के दो में से एक विधायक सरकार के साथ तो दूसरे तटस्थ हैं। भाजपा के खुद के 72 विधायकों के साथ ही सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के तीन विधायक भी उनके साथ हैं। अगर किसी परिस्थिति में सदन में मतदान होता है और दोनों पक्षों के वोट बराबर आते हैं तो विधानसभा अध्यक्ष को मतदान करने का अधिकार है।

सचिन से सुलह के बाद भी कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं !

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट से सुलह के बाद भी राजस्थान कांग्रे्रस में सब कुछ ठीक नहीं है। बदले सियासी घटनाक्रम से अशोक गहलोत खेमे में बेचैनी बढ़ गई है। इस बीच पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी का संदेश लेकर जयपुर पहुंचे संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को पायलट और गहलोत खेमों के विधायकों ने जमकर खरी-खोटी सुनाई।

बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले में सुनवाई जारी

बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय के मामले में आज शाम सुनवाई पूरी होने की आशा है। हालांकि, राज्य सरकार आनी कांग्रेस के खिलाफ फैसला आता भी है तो मौजूदा स्थिति में सरकार को कोई बड़ा खतरा नहीं दिख रहा है। 2018 के विधानसभा चुनाव में बसपा के छह विधायक चुने गए थे। बसपा ने कांग्रेस को समर्थन दिया था। सितंबर 2019 में इस विधायकों का विलय कर लिया गया था।

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