चित्तौड़गढ़ में महिलाओं ने गोवर्धन पूजा कर की कोरोना महामारी खत्म करने की कामना

पत्रकार श्री दुर्गेश कुमार की रिपोर्ट
चित्तौड़गढ़
दीपावली के एक दिन बाद मनाया जाने वाला त्योहार है गोवर्धन पूजा। जी हाँ इस गोवर्धन पूजा का विशेष महत्त्व है। दिपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। इसे देश के कई हिस्सों में अन्नकूट के नाम से भी जानते हैं। गोवर्धन पूजा के दिन भगवान कृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा की जाती है। गोवर्धन पूजा के दिन 56 या 108 तरह के पकवानों का श्रीकृष्ण को भोग लगाना शुभ माना जाता है। इन पकवानों को ‘अन्नकूट’ कहते हैं।
पहलवान कमलेश गुर्जर ने बताया कि चित्तौड़गढ़ के बूंदी रोड स्थित गुर्जर मोहल्ला वार्ड 52 में गुर्जर समाज की महिलाओ द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी गोवर्धन पूजा की गई। महिलाओं द्वारा प्रातः कालीन सुबह सुबह स्नान ध्यान करके नये परिधान पहनकर व सजधजकर भगवान गोवर्धन जी की पूजा अर्चना बहुत ही धूमधाम से मंगल गीत गाकर की गई। पूजा के दौरान सभी महिलाओं ने कोरोना महामारी को खत्म करने के लिए भगवान गोवर्द्धन जी से प्रार्थना की। पूरे विश्व में जल्दी से जल्दी कोरोना महामारी खत्म हो और वापस पहले की तरह जनजीवन व्यवस्थित हो और सभी देशवासी खुशहाल रहे ऐसी मंगलकामनाये नारी शक्ति द्वारा की गई।

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