शंभूपुरा में एक श्याम किशोर दा के नाम भव्य आयोजन हुआ।

शंभूपुरा।
शंभूपुरा में उदय वाटिका में सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक स्वर्गीय किशोर कुमार की याद में पुराने गीतों की सरगम सजी।
श्री श्याम म्यूजिकल ग्रुप शंभूपुरा के नेतृत्व में आयोजित एक श्याम किशोर दा के नाम भव्य आयोजन का शुभारंभ से पूर्व माँ सरस्वती ओर किशोर कुमार के समक्ष दीप प्रज्वलित एव पुष्पअर्पित कर किया, गीतों का शुभारंभ गायक हेमांग सोलंकी ने अपनी मधुर आवाज में गणेश वंदना से किया।


इसके बाद अभिषेक सेन ने ये जो तू, तो अदिति सुराणा ने प्यार दीवाना होता है गीत से सबका मन मोह लिया, ग्रुप के अध्यक्ष गोपाल नामदेव ने अपने सुरीले अंदाज में ओ मेरे दिल के चेन व हिमांशु शुक्ला ने जीवन के दिन छोटे ही सही, राज सिंह चौहान ने अपने अनोखे अंदाज मेरा कोरा कागज कोरा ही रह गया गाकर सबको गीतों के सागर में डुबो दिया।

वरिष्ठ गायक अनिल कुमार शर्मा ने हमे ओर जीने की चाहत, दिनेश कुमार पूरी सुरमा मेरा निराला, तो वही मुकेश कुमार सपरा ने मंजिल अपनी जगह गीत गाया।
इसके बाद निशा रानी ने अपने निराले अंदाज में मेरे नैना सावन भादो गाकर सभी को भाव विभोर कर दिया।


कमल बिलोची ने एक अजनबी तो इसके बाद दो आवाज में प्रसिद्ध गायक संयम पूरी ने सुरीली आवाज में जिसका मुझे था इंतजार गाकर सबको अपनी ओर आकर्षित किया।
गोपाल नामदेव ओर निशा रानी ने साथ मे कबके बिछड़े हुए हम गाकर कार्यक्रम को नया मोड़ दिया।


मनत सिह ने जिंदगी एक सफर है सुहाना तो वही कार्यक्रम का संचालन कर रहे एंकर अजय गगरानी ने रूप तेरा मस्ताना प्यार मेरा दीवाना गाकर सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया।
अदिति ओर चक्षिता ने भीगी भीगी रातों में गाकर सबको गीतों के सागर की ओर ले चली।
वही महेंद्र कुमार शर्मा ने कितने भी तु करले सितम, विजय कुमार शर्मा ने पल पल दिल के पास ओर अजय पंवार ने ओ साथी से गाकर अंत तक समा बांधे रखा।
कार्यक्रम में कोरोना गाइडलाइंस की पालना करते हुए सीमित श्रोताओं को ही आमंत्रित किया गया वही सभी की कुर्सियां दूर दूर लगाई गई एव सभी ने मास्क ओर सेनेटाइजर का स्तेमाल किया
इस दौरान मंडल के संरक्षक दिनेश कुमार आगाल, गंगाराम तेली, राधेश्याम सुथार आदि सहित श्रोता मोजुद रहे।

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