अपनी ही जमीन को पाने के लिए भटक रहा है रींगस का श्रीराम शर्मा, विकलांगता के बावजूद प्रशासन नहीं कर रहा पीड़ित की मदद

पत्रकार श्री दुर्गेश कुमार लक्षकार कि रिपोर्ट

रींगस-अयोध्या में भले ही श्री राम भगवान के मंदिर के लिए न्यायालय के दखल के बाद जमीन मिल गई हो लेकिन रींगस के वार्ड नंबर 12 के निवासी विकलांग श्रीराम शर्मा 25 वर्षो के लंबे संघर्ष के बाद भी अपनी जमीन के मालिकाना हक के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे
हैं। विकलांगता के बावजूद जिले से लेकर राज्य प्रशासन भी इनकी मदद नहीं कर रहा है जिससे विकलांग श्रीराम शर्मा अब मायूस हो गए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार रींगस निवासी श्री राम शर्मा पुत्र श्री गोरी लाल शर्मा की पैतृक जमीन रींगस नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर 17 ढाणी घोड़ेला वाली में स्थित है। जिस पर कतिपय लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। विकलांग श्रीराम शर्मा के भाई केसरमल किकरतला ने जानकारी देते हुए बताया की भाई की जमीन को अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण राजस्थान हाईकोर्ट जयपुर मुख्यमंत्री संभागीय आयुक्त
सीकर जिला कलेक्टर को कई बार पत्र लिखे गए लेकिन निचले स्तर के अधिकारी ऊपर से पत्र आने के बाद भी कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। विकलांग श्रीराम शर्मा ने बताया की पुलिस महानिदेशक एस सेंगथिर ने उनका परिवाद दर्ज करने के बाद रींगस पुलिस थाने को कार्यवाही के लिए आदेशित किया था। लेकिन रींगस पुलिस भी कई बार गुहार करने के बाद भी निष्पक्ष कार्यवाही नहीं कर रही है । इस संबंध में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर ने श्रीराम शर्मा के प्रार्थना पत्र पर संज्ञान लेते हुए सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीकर को भी कार्यवाही हेतु लिखा था। इसके साथ ही संभागीय आयुक्त जयपुर ने भी 26 अगस्त 2020 को श्रीराम शर्मा के दर्ज परिवाद पर कार्यवाही करते हुए सीकर जिला कलेक्टर को इस मामले में उचित कार्यवाही के आदेश दिए थे और रिपोर्ट मांगी थी। साथ ही पुलिस महानिदेशक एस सेंगथिर ने भी श्रीराम शर्मा के परिवाद पर कार्यवाही करते हुए रींगस पुलिस को इस मामले में कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन परिवादी श्रीराम शर्मा व उनके भाई केसरमल शर्मा ने बताया कि निचले स्तर के अधिकारी ऊपर के अधिकारियों के निर्देश के बावजूद कार्यवाही को ठंडे बस्ते में डाल रखे हैं ।
जिससे अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद है। विकलांग श्रीराम शर्मा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से न्याय की गुहार करते हुए मांग की है कि उनकी वृद्धावस्था व विकलांगता का ध्यान रखते हुए उनकी जमीन को अतिक्रमण-कारियों से मुक्त करवाकर उनके सुपुर्द करवाई जाए।

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